
छत्तीसगढ़ में कैशलेस चिकित्सा योजना को कैबिनेट की मंजूरी, कर्मचारी-पेंशनरों के परिवारों को भी मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्रिमंडल का जताया आभार, तीन साल से कर रहा था मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और पेंशनरों के स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने पर कर्मचारी संगठनों में उत्साह है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के दायरे में कर्मचारियों के परिवार और पेंशनरों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इस निर्णय पर छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री सहित पूरी कैबिनेट के प्रति आभार व्यक्त किया है।
20 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद

संघ के अनुसार, इस योजना के दायरे में प्रदेश के पांच लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनर आएंगे। वहीं, उनके आश्रित परिवारों को शामिल करने से 20 लाख से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कर्मचारियों और उनके परिजनों को इलाज के दौरान आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सकती है।
तीन वर्षों के संघर्ष के बाद मांग को मिली मंजूरी

छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ पिछले तीन वर्षों से इस योजना को लागू कराने और कर्मचारियों के परिवारों को इसका लाभ दिलाने की मांग उठा रहा था। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, बजट में घोषणा के बाद अब मंत्रिमंडल की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलना संगठन के प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संघ के संरक्षक राकेश सिंह के मार्गदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष ऊषा चंद्राकर, प्रदेश संयोजक पीयूष कुमार गुप्ता, लिखेस वर्मा, मिर्जा कासिम, विनोद सिंह, रमेश नेगी, विजय कोचंद्र, आजू सिन्हा, डिलेश्वर साव, मंजू सोरी सहित संस्थापक सदस्यों और समस्त प्रांतीय पदाधिकारियों ने इस मांग को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई।
प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक पदाधिकारियों ने किया प्रयास
संघ ने बताया कि योजना से संबंधित मांग को शासन तक पहुंचाने के लिए प्रदेश, संभाग, जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों तथा जिला संयोजकों ने लगातार प्रयास किए। संगठन के सदस्यों ने कर्मचारियों के बीच योजना की जरूरत और इसके संभावित लाभों को लेकर जागरूकता बढ़ाई।
संघ का कहना है कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कर्मचारियों को गंभीर बीमारी, आपातकालीन उपचार और अन्य चिकित्सा जरूरतों के समय अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च करने की मजबूरी से राहत मिल सकती है। इससे कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
संघ ने कर्मचारी परिवारों और पेंशनरों को दी बधाई
कैबिनेट की मंजूरी के बाद संघ ने प्रदेश के समस्त कर्मचारी परिवारों और पेंशनरों को बधाई दी है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि योजना का क्रियान्वयन जल्द सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ मिल सके। योजना से संबंधित जानकारी प्रदेश संयोजक पीयूष कुमार गुप्ता ने दी।















